नई दिल्लीः मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग का और दिल्ली के हर क्षेत्र का विकास चाहती है। सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है, लेकिन विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही, लापरवाही या भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने अफसरों को आदेश दिए है कि वे मुख्यमंत्री विकास निधि (सीएमडीएफ) से जुड़े कामों और विधायक निधि के जरिए होने वाले क्षेत्रीय विकास कार्यों के अलावा अनिधकृत कॉलोनियों और अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में विकास के कामों की गति तेज करें, ताकि विकास कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई थी
सीएम ने मुख्यमंत्री विकास निधि और एमएलए लोकल एरिया डिवेलपमेंट फंड के जरिए हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई थी, जिसके बाद सीएम का यह बयान आया। बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव और एमसीडी कमिश्नर के अलावा शहरी विकास, योजना, वित्त, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण जैसे दिल्ली सरकार के अन्य सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मिले प्रस्तावों और उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट की जानकारी ली और आगामी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

अधिकारियों से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों को लेकर केवल औपचारिकता निभाने वाला रवैया बदलना होगा और विभागों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करके विकास के कामों को गति देनी होगी। सीएम ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री विकास निधि और क्षेत्रीय विकास निधि से संबंधित सभी कामों की स्टेटस रिपोर्ट नियमित रूप से उनके और विधायकों के पास भेजने का निर्देश दिया, ताकि अगर किसी स्तर पर कोई अड़चन है, तो संबंधित विधायक तुरंत उसका समाधान कर सकें।

समय की बर्बादी ना हो
सीएम ने यह भी कहा कि अगर किसी विधायक द्वारा भेजा गया प्रस्ताव नियमों के अनुसार नहीं पाया जाता है, तो उसकी जानकारी तुरंत विधायक को दें, ताकि जरूरी सुधार करके दोबारा से प्रस्ताव भेजा जा सके और समय की बर्बादी ना हो। सीएम ने अनधिकृत कॉलोनियों और अनुसूचित जाति/जनजाति बस्तियों में होने वाले विकास कार्यों में प्राथमिकता के साथ तेजी लाने के लिए कहा, क्योंकि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की अपेक्षाएं सबसे अधिक है।